21 दिन हनुमान चालीसा संकल्प क्या है?
21 दिन हनुमान चालीसा संकल्प की विधि क्या है?
21 दिन हनुमान चालीसा संकल्प के नियम क्या हैं?
21 दिन हनुमान चालीसा संकल्प करने से क्या लाभ मिलते हैं?
21 दिन हनुमान चालीसा संकल्प पूरा होने के बाद क्या करें?
21 दिन हनुमान चालीसा संकल्प
21 दिन हनुमान चालीसा संकल्प श्रद्धा और नियमपूर्वक किया जाने वाला एक अत्यंत प्रभावशाली धार्मिक संकल्प है…
धार्मिक महत्व
“धार्मिक मान्यता के अनुसार, श्रद्धा और नियमपूर्वक 21 दिनों तक हनुमान चालीसा का संकल्प करने से साधक को मानसिक शक्ति, आत्मविश्वास और अपनी मनोकामना की दिशा में सकारात्मक मार्गदर्शन मिलने का विश्वास किया जाता है। फल व्यक्ति की श्रद्धा, कर्म और ईश्वर की इच्छा पर निर्भर माना जाता है।”
संकल्प लेने का सही दिन
21 दिन हनुमान चालीसा संकल्प
किसी भी मंगल या शनिवार कर सकते हैं।
उपाय शुरू करने से पहले कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना चाहिए।
जैसे कि समय निश्चित होना चाहिए, सुबह या शाम जो समय आपको अनुकूल हो।
उसी समय हनुमान जि कि पुजा और पाठ करना चाहिए।
सुबह करे तो सूर्योदय के एक-दो घंटे के अंदर स्नान इत्यादि करने के बाद आप पाठ कर लीजिए।
अगर आप शाम को करना चाहते हैं तो 8:00 बजे 11.00 के पहले पाठ कर लीजिए।
लेकिन ध्यान रखिए समय एक ही होना चाहिए, अगर आप शाम 8:00 बजे पूजासन पर बैठते हैं तो उसी समय हनुमान चालीसा का पाठ करें।
ऐसा नहीं होना चाहिए कि आज आप 8:00 बजे बैठे पाठ करने तो अगले दिन 9:00 बजे और दूसरा दिन 10:00 पूजासन पर बैठ गए हनुमान चालीसा पाठ करने।
आपक आसन एक ही होना चाहिए, जैसे कि हनुमान चालीसा पाठ करने से पहले आप कोई भी कपड़ा या आसन लेकर बैठ जाते हैं तो यह गलत है, और ऐसा भी नहीं कि जो भी आसन पर आप पूजा करते हैं उसी आसन पर घर का और कोई सदस्य बैठकर पूजा करते हैं। एक ही आसन होना चाहिए जिस पर बैठकर आप हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे।
हनुमान जी की पूजा में लाल रंग का आसन होना चाहिए।
हनुमान जी कि पुजा और चालीसा पाठ करने का स्थान एक ही होना चाहिए। प्रतिदिन एक ही स्थान पर बैठकर हनुमान जी कि पुजा और चालीसा का पाठ करना चाहिए।
लाल रंग का वस्त्र धारण करके अगर आप हनुमान जी कि पुजा और चालीसा का पाठ करते हैं तो अत्यंत श्रेष्ठ होगा।
जिस दिन तक आप यह संकल्प कर रहे हैं उस दिन तक मांस मच्छी मदिरा का सेवन ना करें।
सिर्फ 21 दिन अगर आप इस विधि से हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं तो आपकी हर इच्छा पूरी होगी।
संकल्प की सम्पूर्ण विधि
21 दिन हनुमान चालीसा संकल्प
इसके लिए आपके सामने हनुमान जी की एक मूर्ति या तस्वीर होनी चाहिए।
जिसके सामने आप आसन लगाकर बैठ कर पूजा करेंगे। चमेली का तेल का दीपक हनुमान जी को बहुत प्रिय है।
हनुमान जी की मूर्ति या तस्वीर के सामने चमेली के तेल का दिया प्रज्व्बलित करें करें।
अब एक तांबे का कलस भरकर जल रखें हनुमान जी के सामने। क्योंकि यह कलश के रूप में हम स्थापित करेंगे।
आप इस कलस में गंगाजल भी भर सकते हैं या तो शुद्ध जल भी भर सकते हैं।
₹1 का या ₹5 का सिक्का धन के स्वरूप में कलस में डाल दीजिए और उसमें दो लॉन्ग डाल दीजिए।
कलश के ऊपर एक प्लेट या पात्र रख दीजिए जिससे कि वह पानी ढक जाए क्योंकि इस कलश को हमें 21 दिन तक रखना है। पूजा के बाद ही हम इस कलश को उठाएंगे।
अब हनुमानजी के सामने गुड़ या भीगे चने का का भोग लगा दीजिए। भुने हुए चने कभी ना रखें क्योंकि भुने हुए चने में नमक होता है और हनुमान जी की पूजा में नमक का प्रयोग नहीं होता है आप चाहे तो लड्डू या फल का भोग भी लगा सकते हैं और अब हनुमान जी के सामने आपकी जो कामना है उसे पूर्ण करने के लिए प्रार्थना करें।
अब हनुमान चालीसा पाठ करें। पाठ करने समय ख्याल रखें कि उच्चारण स्पष्ट होना चाहिए।
पूरी श्रद्धा भाव से से हनुमान जी की पूजा और चालीसा का पाठ करें। जल्दबाजी ना कीजिए।
हनुमान जि कि पुजा और चालीसा पाठ पुरा करने के बाद हनुमान जी की आरती कीजिए।
हनुमान जी की आरती कर्पुर से से कीजिए , कर्पूर से आरती करने से घर और मन से नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाते हैं।
पूजा पूर्ण करने के बाद परिवारजनों में प्रसाद बितरण कीजिए और खुद भी प्रसाद ग्रहण कीजिए।
जल का कलस स्पर्श ना करे 21 दिन तक। 21 दिन जब आपकी पूजा पूर्ण हो जाती है, सुबह या शाम जिस समय का अपने संकल्प लिया है, उसी समय आपके पूजा पूर्ण होने के बाद आप उस कलश के जल को उठाएंगे,और यह बहुत ही पवित्र जल, आप किसी भी दूसरा पात्र में रख सकते हैं।
कभी भी किसी जरूरी काम से आप बाहर जाते हैं तो यह जल थोड़ी स पान करके आप जाते है तो आपकी वह काम पूर्ण हो जाते हैं। और कलश में जो लॉन्ग रखे थे वह लॉन्ग अपने पर्स में रख दीजिए |
11 बार या 21 बार पाठ का महत्व
एक बार हनुमान जि कि पुजा और चालीसा का पाठ इस नियम से करके देखिए आपको लाभ अवश्य होगा।
हनुमान जी की कृपा अवश्य मिलेगा। बड़ी से बड़ी कामना 21 दिन में पूरी नहीं हो सकता लेकिन 21 दिन में आपको मार्ग जरूर मिलेगा। बस आप धैर्य बनाए रखें और हनुमान जी की शरण में अपने आपको रखिए।
उनकी शक्ति पर भरोसा रखिए और आपकी भक्ति पर विश्वास रखें।
महिलाओं के लिए नियम (धार्मिक परंपराओं के अनुसार)
महिलाएं भी हनुमान जी की पूजा इस तरह से कर सकते हैं लेकिन ध्यान में रखें महिलाएं हनुमान जी को स्पर्श ना करें।
हनुमान जी को स्पर्श करके तिलक पुरुष लगा सकते हैं लेकिन महिलाएं नहीं लगा सकते।
पीरियड के समय हनुमान जी की पूजा ना करें।
महिलाएं हनुमान जी की मस्तक में सिंदूर का तिलक ना लगाए, महिलाऍ हनुमान जी की चरण में सिंदूर अर्पित कर सकते हैं ।

